क्या इख्तिलाफ है चाँद को सूरज से , जो ये अँधेरे में निकल पड़ता है ( Chand Ki Kahani )

क्या इख्तिलाफ* है चाँद को सूरज से , जो ये अँधेरे में निकल पड़ता है … खुद ढलती रात में रहकर रोशन इस जहाँ को करता है …. शायद ड्यूटी अपनी रात में कर दिन में आराम करता है … या दिन में सूरज से  जल रात में जग रोशन करने निकलता है …. अजब […]

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Sukoon milta hai lafz kaagaz par utar kar, Cheekh bhi leta hoon aawaj bhi nahi hoti…

Once again i expand the view on the Lines written by Mr.Piyush Mishra. Above lines are my favorite and explains everything about the art of poet. Sukoon milta hai lafz kaagaz par utar kar, Cheekh bhi leta hoon aawaj bhi nahi hoti… (सुकून मिलता है लफ्ज़ कागज पर उतार  कर, चीख भी लेता हूँ आवाज […]

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