Ajab ye jindgi ka daur hai, inshan yaha shant hai online poora shor hai

Ajab ye jindgi ka daur hai .. Inshan yaha shant hai online poora shor hai …. (अजब ये जिन्दगी का दौर है … इन्सान यहाँ शांत है ऑनलाइन पूरा शोर है ….) Der raat chal rahi mobile par ungliyaan yahan .. Badal gaye rishte ho gaye friends-followers ,Kiya na kisi ne ispar gaur hai …. […]

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क्या इख्तिलाफ है चाँद को सूरज से , जो ये अँधेरे में निकल पड़ता है ( Chand Ki Kahani )

क्या इख्तिलाफ* है चाँद को सूरज से , जो ये अँधेरे में निकल पड़ता है … खुद ढलती रात में रहकर रोशन इस जहाँ को करता है …. शायद ड्यूटी अपनी रात में कर दिन में आराम करता है … या दिन में सूरज से  जल रात में जग रोशन करने निकलता है …. अजब […]

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